मुख्यमंत्री ने ‘भारत दर्शन’ पर जा रहे छात्रों से किया संवाद, विकसित भारत के संकल्प को दोहराया

मुख्यमंत्री ने ‘भारत दर्शन’ पर जा रहे छात्रों से किया संवाद, विकसित भारत के संकल्प को दोहराया

ब्यूरो

Posted no : 13/09/2026

टिहरी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी जिले में स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के 10वें संस्करण के तहत भ्रमण पर जाने वाले 68 मेधावी विद्यार्थियों के दल से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी यात्रा एवं तैयारियों की जानकारी ली और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को देश की विविधता, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और विकास को करीब से समझने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के ज्ञान को कक्षा की सीमाओं से बाहर ले जाकर उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में सहायक होते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भ्रमण के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों की विशेषताओं को समझें, वहां की उपलब्धियों से सीखें और अपने अनुभवों को अपने साथियों के साथ साझा करें। विद्यार्थियों को देश के बड़े एवं प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करने का अवसर मिलना उनके भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में उद्देश्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने तथा गुरुजनों और माता-पिता के प्रति श्रद्धाभाव बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतिहास बनाया है, उन्होंने सामान्य से असामान्य बनने के लिए निरंतर प्रयास किया है। यदि संकल्प दृढ़ हो और प्रयास सच्चे मन से किया जाए तो कोई भी ताकत सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इस दिशा में उत्तराखण्ड को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखण्ड यूसीसी लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं।

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