हरिद्वार।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार जायरोकॉप्टर एयरो टूरिज्म शुरू करने जा रही है। जायरोकॉप्टर एक छोटा हेलीकॉप्टर होता है जिसमें एक पैसेंजर फ्लाई करके फ्लाई एडवेंचर कर सकता है। देश में पहली बार हरिद्वार के बैरागी कैंप से जायरोकॉप्टर टेक ऑफ का सफल ट्रायल कर लिया गया है। सरकार पीपीपी मोड पर उत्तराखंड बेस्ड राजस एयरो स्पोर्ट्स कंपनी के साथ मिलकर इस नए एडवेंचर्स स्पोर्ट की शुरुआत करने जा रही है। हरिद्वार के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जायरोकॉप्टर की प्लाई का सफल ट्रायल कर लिया गया है रनवे तैयार होने के बाद नई इस एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत हरिद्वार से की जाएगी। उम्मीद है कि जायरोकॉप्टर की फ्लाई एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों को बड़ी संख्या में आकर्षित करेगी।
हरिद्वार में बनेगा रन-वे
जिला प्रशासन के साथ हुए सफल ट्रायल के बाद हरिद्वार के बैरागी कैंप में जायरोकॉप्टर के लिए रनवे बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्लानिंग के मुताबिक हरिद्वार के रनवे से टेक ऑफ कर प्रदेश के कई टूरिस्ट प्लेस में जाकर पर्यटक उतर सकेंगे। इसके साथ ही हिमालय इलाकों की मनमोहक वादियों के नजारों का लुत्फ भी ले सकेंगे। राजस एयरो स्पोर्ट्स कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष सैनी ने जानकारी देते हुए बताया की शुरुआती चरण में 5 प्लेन चलाए जाने की योजना है। जिसमें पर्यटकों का पूरा ग्रुप एक साथ फ्लाई कर सकेगा साथ ही प्लेन में कनेक्ट हेडफोन के साथ आपस में बातचीत भी कर सकेगा। मनीष सैनी ने बताया कि जायरोकॉप्टर की एक फ्लाई का किराया 4000 से 5000 हजार रुपए तक होगा। जिसमें पर्यटकों को 20 से 30 मिनट तक की फ्लाई कराई जाएगी।

क्या होता जायरोकॉप्टर
जायरोकॉप्टर एक छोटा हेलीकॉप्टर होता है जहां हेलीकॉप्टर में चार-पांच लोग एक साथ यात्रा कर सकते हैं वहीं जायरोकॉप्टर में एक पायलट के साथ एक पैसेंजर बैठकर उड़ान भर सकता है। कंपनी के एमडी मनीष सैनी के मुताबिक जायरोकॉप्टर में फ्यूल कंजप्शन बहुत कम होता है। इसलिए कम खर्च जायरोकॉप्टर से यात्रा कराई जा सकती है। मनीष सैनी ने बताया कि ये सबसे लेटेस्ट एविएशन तकनीक है जो अभी तक विदेश में चल रही है और इंडिया में अब इसकी शुरुआत की जा रही है। शुरुआती चरण में जायरोकॉप्टर को उड़ाने वाले पायलट जर्मनी से बुलाए गए हैं हालांकि बाद में यहां भी नए पायलेट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
