दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री, तमाम योजनाओं के बारे में की चर्चा, आने का निमंत्रण भी दिया

दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री, तमाम योजनाओं के बारे में की चर्चा, आने का निमंत्रण भी दिया

ब्यूरो

Posted no : 27/03/2026

नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास के लिये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड आगमन का निमंत्रण देते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का प्रस्ताव भी रखा। प्रस्तावित लोकार्पण में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट शामिल हैं, जबकि शिलान्यास के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार एवं बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना शामिल है।

उन्होंने प्रधानमंत्री को टिहरी जनपद में स्थित शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी के साथ ही राज्य के अलग-अलग जिलों से मंगाई पांच प्रकार की राजमा और शहद भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुम्भ-2027 के लिए ₹500 करोड़ की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत National Water Development Agency द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास के लिए ₹100 करोड़ की स्वीकृति, पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी हेतु MOU और चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं हेतु संचालन में सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, चम्पावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड एवं देहरादून-मसूरी रोड जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड दौरे पर प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चोपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए पालिसी भी तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में Spiritual Economic Zone के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी तथा लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि आदि कैलाश यात्रा में वर्ष 2022 में 1,761 श्रद्धालुओं की तुलना में वर्ष 2025 में 36,453 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यहाँ के लिए हेली सेवा भी शुरू की गई है। इसी तरह राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग सहित अनेक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही स्थानीय रोजगार सृजन के लिए वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए “एक जिला-एक मेला”, क्लस्टर विद्यालय योजना, भारत दर्शन एवं उत्तराखण्ड दर्शन कार्यक्रम जैसी पहलों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली से मेरठ तक संचालित Regional Rapid Transit System (RRTS) परियोजना का विस्तार मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में रक्षा उपकरण निर्माण इकाईयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन एवं प्राथमिकता देने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कोटद्वार, हरिद्वार एवं देहरादून में Defence Equipment Production Industrial Hub की स्थापना पर भी केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया। इसके साथ ही रायवाला क्षेत्र में बीआई- डक ब्रिज के विकास तथा उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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