हरिद्वार।
अपराध की पीड़ा झेलने वाली महिलाओं के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) राहत और न्याय का माध्यम बन रहा है। पीड़ित प्रतिकर योजना 2013 और 2020 के तहत यौन अपराध, एसिड अटैक समेत अन्य अपराधों की पीड़िताओं को समयबद्ध तरीके से मुआवजा दिलाया जा रहा है। डीएलएसए सचिव सिमरनजीत कौर के अनुसार, पिछले करीब दो वर्षों में सवा 200 से अधिक पीड़िताओं को उचित प्रतिकर दिलाया जा चुका है। यह संख्या पिछले कुछ वर्षों के औसत से अधिक है।
उन्होंने बताया कि आवेदन मिलने के बाद अपराध की प्रकृति और पीड़ित की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है। इसके बाद पात्रता के आधार पर पीड़ित को अधिकतम संभव प्रतिकर दिलाने का प्रयास किया जाता है।
