​”मेरे सपनों का उत्तराखण्ड”: मुख्यमंत्री धामी के आह्वान पर ‘सीएम विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल पर 35 हजार से अधिक छात्रों ने भेजे निबंध

​”मेरे सपनों का उत्तराखण्ड”: मुख्यमंत्री धामी के आह्वान पर ‘सीएम विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल पर 35 हजार से अधिक छात्रों ने भेजे निबंध

ब्यूरो

Posted no : 18/08/2026

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर “सीएम विद्यार्थी मंथन डॉट कॉम” पोर्टल पर अब तक 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध लिखकर अपलोड कर दिए हैं।

दरअसल 10 अगस्त को मुख्यमंत्री ने 11वीं-12वीं के करीब तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन मंथन करते हुए उन्हें राज्य के विकास में अपने विजन को एक निबंध के रूप में ऑनलाइन भेजने का आह्वान किया था।

मुख्यमंत्री ने युवा विद्यार्थियों से पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी आदि विषयों पर अपने विचार साझा करने और “मेरे सपनों का उत्तराखण्ड” अभियान में शामिल होने की बात करते हुए कहा था कि उनके द्वारा स्वयं ऐसे विचारों का अवलोकन करते हुए उन्हें राज्य की पॉलिसी में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 140 श्रेष्ठ विचार लिखने वाले युवा विद्यार्थियों से शासन के सचिवों के साथ विचार-विमर्श करने और स्वयं के साथ भी अनुभव साझा करने की बात कही थी।

सरकार ने ऐसे श्रेष्ठ विद्यार्थियों को उनके करियर में, परीक्षा तैयारियों में स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा की है, साथ ही अन्य पुरस्कार भी अपनी ओर से दिए जाने की बात कही थी। जिसके बाद इस अभियान में पूरे राज्य से ऑनलाइन प्रविष्टियां आने लगी हैं, जिनकी संख्या 35 हजार से अधिक हो चुकी है।

निबंध प्रविष्टि अपलोड करते ही विद्यार्थी को प्रमाण पत्र भी मिल रहा है जिससे उनमें इस अभियान में शामिल होने का जोश-जुनून बना हुआ है।

इस अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि ऐसा अभियान देश में पहली बार हो रहा है जिसमें जेन जी और अल्फा, दोनों जेनरेशन हिस्सा ले रही हैं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों का समर्थन मिल रहा है और हर मिनट में राज्य के किसी न किसी कोने से निबंध पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त तक निबंध को पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और प्रतिदिन इसकी समीक्षा कर रहे हैं जो ये दर्शाता है कि उन्होंने इस अभियान को कितनी अहमियत दी है।

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