हरिद्वार।
जीएसटी कमिश्नर सोनिका के निर्देशों पर राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा यानी (एसआईबी) हरिद्वार ने वर्क कान्ट्रेक्टर और इंगट निर्माता फर्मों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की।

जांच के दौरान पाया गया कि हरिद्वार और रुड़की की कुछ फर्मों के द्वारा जीएसटी पोर्टल पर गलत सूचना देकर और फेक फर्मों की आईटीसी से समायोजित करते हुए टैक्स की चोरी की जा रही है, जिस पर कुल 4 फर्मों पर जांच की कार्यवाही की गयी। रूड़की और हरिद्वार में पंजीकृत कुछ फर्मों द्वारा फर्जी आईटीसी देने का व्यापक तंत्र चलाया जा रहा था, इन फर्मों की खरीद जीरो होती है जबकि ये फर्में दिल्ली और यूपी राज्यों में पंजीकृत अस्तित्वहीन फर्मों से अपनी खरीद दिखाती हैं और इस फर्जी आईटीसी को फेक इनवाईस जारी करते हुए बिना माल के वास्तविक सम्व्यवहार के राज्य में स्थित फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ देती है। इस बोगस आईटीसी का लाभ लेते हुए राज्य में स्थित अन्य फर्में बोगस आईटीसी का देय कर में समायोजन करते हुए वास्तविक कर के भुगतान को कम या शून्य करते हुए टैक्स चोरी की जाती है। विशेष अनुसंधान शाखा हरिद्वार द्वारा कुल 4 फर्मों में की गई जाँच की कार्यवाही में जाँच के दौरान इन फर्मों द्वारा मौके पर 1.54 करोड़ जमा कर दिये गये।

जाँच की कार्यवाही संयुक्त आयुक्त आरएल वर्मा के नेतृत्व में की गयी। जाँच टीम में कार्तिकेय वर्मा-उपायुक्त, अंजनी कुमार सिंह, सुरेन्द्र सिंह राणा, मो0 इमरान-सहायक आयुक्त और राज्य कर अधिकारी नितिन कुमार, अर्शित गोंदवाल, और कुलदीप सिंह रावत आदि शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *