हरिद्वार।
गंग नहर बंदी और अर्धकुंभ 2027 के लिए चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर बड़ी खबर है। गंग नहर बंदी की अवधि बढ़ाने की उत्तराखंड शासन की मांग को उत्तर प्रदेश शासन ने खारिज कर दिया है। ऐसे में निर्धारित अवधि के अनुसार के 7 नवंबर की रात को भीमगौड़ा बैराज से गंगा का जल छोड़ दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से उत्तराखंड शासन को पत्र लिखकर गंगनहर बंदी की अवधि बढ़ाने की संभावनाओं पर विराम लगा दिया है।

दरअसल, अर्धकुंभ की तैयारियों के मद्देनजर हरिद्वार में गंगा घाट और अन्य निर्माण कार्यों को पूरा कराने के लिए उत्तराखंड शासन ने गंग नहर बंदी की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्य सचिव की ओर से उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भी लिखा गया था।
शुक्रवार को यूपी शासन की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया है। यूपी शासन ने विद्युत उत्पादन और कृषि कार्यों के लिए जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने का हवाला देते हुए नहर बंदी की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण शर्मा ने जानकारी दी कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 नवंबर की रात को ही गंग नहर में जल का प्रवाह बहाल किया जाएगा।
