भविष्य में शिक्षा अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा साइंस सेंटर – मुख्यमंत्री
ब्यूरो
Posted no : 31/03/2026
चंपावत।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जिला चम्पावत के भ्रमण के दौरान लगभग ₹55.52 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक साइंस सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित वैज्ञानिक गैलरियों एवं चार मंजिला कैंपस का अवलोकन किया। इस कैंपस में 40 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए आवासीय वैज्ञानिक शिक्षण का भी महत्वपूर्ण स्थल बनेगा।
इस मौके पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने अवगत कराया कि दो मंजिला साइंस गैलरी ब्लॉक में “फन साइंस गैलरी”, प्रदर्शनी कक्ष, विज्ञान एवं कृषि गैलरी, प्रशिक्षण हॉल तथा अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी गैलरी विकसित की जा रही है। इसके अतिरिक्त परिसर में 120 क्षमता वाला ऑडिटोरियम, 71 सीटों वाला आधुनिक प्लैनेटेरियम (तारामंडल), जिसमें इनर एवं आउटर डोम की सुविधा होगी। साथ ही स्टाफ के लिए कॉन्फ्रेंस एवं डेवलपमेंट हॉल जैसी विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये साइंस सेंटर भविष्य में प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान के बिना विकास की परिकल्पना अधूरी है और इस केंद्र के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक एवं खगोल विज्ञान को समझने का अवसर प्राप्त होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्माण के दौरान पर्यावरणीय मानकों एवं श्रमिकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर भी बल दिया।
निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए विज्ञान मॉडलों का अवलोकन किया तथा नन्हे वैज्ञानिकों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
