सिर्फ औपचारिकता नहीं यहां खुलकर हो रहा द्वितीय राजभाषा का सम्मान और प्रचार

सिर्फ औपचारिकता नहीं यहां खुलकर हो रहा द्वितीय राजभाषा का सम्मान और प्रचार

ब्यूरो

Posted no : 23/02/2026

हरिद्वार।
अपनी खास कार्यशैली के लिए मशहूर सीनियर पीसीएस अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को भी बढ़ावा दे रहे हैं। हरिद्वार के सीडीओ ललित नारायण मिश्र के कार्यालय के बाहर हिंदी के अलावा संस्कृत भाषा में भी नेम प्लेट लगी हुई है। जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती है।

सीडीओ डॉ ललित नारायण मिश्र का कहना है कि संस्कृत उत्तराखंड राज्य की द्वितीय राजभाषा है। लिहाजा उसका सम्मान और प्रचार-प्रसार किया जाना भी आवश्यक है। यही कारण है कि उन्होंने नेम प्लेट पर नाम और पदनाम संस्कृत में भी लिखवाया।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड राजभाषा अधिनियम 2009 के तहत देववाणी संस्कृत को उत्तराखंड राज्य में द्वितीय आधिकारिक भाषा यानी राजभाषा का दर्जा दिया गया है। सभी सरकारी भवनों पर नाम हिंदी के अलावा संस्कृत में भी लिखवाने की गाइडलाइन है। हालांकि इसका शत प्रतिशत पालन होता हुआ नजर नहीं आता। ऐसे में हरिद्वार के सीडीओ ललित नारायण मिश्र संस्कृत वाली नेम प्लेट लगाकर राजभाषा का खुलकर प्रचार कर रहे हैं।

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