हरिद्वार।
दशहरा पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार के अखाड़ों मठों में शस्त्र पूजा की जा रही है। कनखल स्थित महानिर्वाणी अखाड़े में साधु संतों ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। महानिर्वाणी अखाड़े के साधु संतों ने विधि विधान से शस्त्र पूजा कर परंपरा को आगे बढ़ाया। अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि जब भी देश धर्म और गौ माता पर कोई भी विपत्ति आती है तो सन्यासी प्राणों की आहुति देने के लिए हमेशा आगे रहते हैं। आदि शंकराचार्य के द्वारा नागा संन्यासियों को शास्त्रों और शास्त्रों दोनों का प्रशिक्षण दिया गया था। सनातन धर्म में शस्त्रों और शास्त्रों की पूजा करने की परंपरा रही है। विजयदशमी के मौके पर विशेष तौर पर शस्त्रों की पूजा की जाती है।

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