हरिद्वार।
राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की 7 इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 3.08 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए हैं। ये कार्रवाई अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेने और इसके जरिए कर देयता का अनुचित समायोजन किए जाने से जुड़े मामलों की जांच के बाद की गई।
आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर SIB हरिद्वार की टीम ने संबंधित इकाइयों की जांच और सर्वे किया। इस दौरान GST पोर्टल, ई-वे बिल (EWB) और BIFA पोर्टल के आंकड़ों का विश्लेषण कर संदिग्ध मामलों की पहचान की गई। जांच में मोटर वाहनों की खरीद, सिविल निर्माण कार्यों और मेडिकल उपकरणों सहित अन्य मदों पर ITC के दावों की भी पड़ताल की गई।
उपयुक्त राज्यकर कार्तिकेय वर्मा ने जानकारी दी कि जांच एवं सर्वे की कार्रवाई के दौरान 7 इकाइयों से कुल 3,07,86,349 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। अनियमितताओं के मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
अपर आयुक्त, गढ़वाल जोन डीएसओ नवियाल के मार्गदर्शन और संयुक्त आयुक्त राजेंद्र लाल वर्मा के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि कर अनुपालन सुनिश्चित करने, राजस्व की सुरक्षा और कर अपवंचन पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कार्रवाई में सहायक आयुक्त धर्मवीर सैनी, राजीव तिवारी, राज्यकर अधिकारी हरिकृष्ण खुगशाल, अर्शित गोंदवाल, नितिन कुमार, नितिन शंकर, प्रभात राणा, प्रशांत कुमार, आदेशा चौधरी, दिनेश कुमार वर्मा और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
