देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग से यह सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों ना हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी प्रत्येक व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करते हुए प्रदेश में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके अंतर्गत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने और धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों और प्रदेश की विकास यात्रा में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखण्ड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।

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