हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान–विकसित भारत-2047’ के तहत एक माह तक आयोजित शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का समापन समारोह शनिवार को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. रमाकान्त पांडे ने की। पद्मश्री डॉ. माधुरी बड़थ्वाल मुख्य अतिथि और सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण के साथ हुई।
कुलपति प्रो. रमाकान्त पांडे ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाजसेवा और राष्ट्रहित को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. माधुरी बड़थ्वाल ने सेवा को मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ा जीवन-मूल्य बताया। डॉ. ललित नारायण मिश्र ने भारतीय संस्कृति में सेवा, परोपकार और लोककल्याण के महत्व पर प्रकाश डाला।
अभियान के अंतर्गत चित्रकला, भाषण, निबंध, रंगोली, नुक्कड़ नाटक, योगासन, क्रीड़ा, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और ‘वोकल फॉर लोकल’ रैली सहित 11 प्रमुख गतिविधियां आयोजित की गईं। चित्रकला प्रतियोगिता में सूरज चंद्र भट्ट प्रथम, भारती शर्मा द्वितीय और आदर्श कुमार तृतीय रहे। भाषण प्रतियोगिता में अनुज कुमार ने पहला, हर्षिता ने दूसरा और आदर्श कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में वंश शर्मा और अनिता प्रथम, आतिका द्वितीय और अंकित सेमेल्टी तृतीय रहे।
अभियान की नोडल अधिकारी प्रो. बिंदुमती द्विवेदी ने गतिविधियों विस्तार से जानकारी दी। जबकि कुलसचिव दिनेश राणा ने आयोजन की सराहना की। सह-नोडल अधिकारी मीनाक्षी सिंह रावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
