उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘वोकल फॉर लोकल’ रैली से दिया स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘वोकल फॉर लोकल’ रैली से दिया स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश

ब्यूरो

Posted no : 02/10/2026

हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गांधीजी और शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में ‘वोकल फॉर लोकल जागरूकता रैली’ आयोजित कर स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन का संदेश दिया गया।

कुलपति प्रो. रामाकांत पाण्डेय ने कहा कि महात्मा गांधी का स्वदेशी सिद्धांत आज आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला बन चुका है। स्थानीय उत्पादों का सम्मान और उनका उपयोग केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का प्रतीक भी है। कुलसचिव दिनेश राणा ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आर्थिक सुदृढ़ता, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण से जुड़ा विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों और कर्मचारियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।

सेवा संकल्प अभियान की नोडल अधिकारी प्रो. बिंदुमती द्विवेदी ने कहा कि सेवा, स्वच्छता, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता गांधीजी के जीवन के मूल तत्व रहे हैं और विश्वविद्यालय का यह अभियान इन्हीं मूल्यों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में विकसित करने का प्रयास है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रकाश चन्द्र पंत ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ स्थानीय प्रतिभा, कौशल और उद्यमिता को सम्मान दिलाने का जनआंदोलन है। सह नोडल अधिकारी मीनाक्षी सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रभक्ति का वास्तविक स्वरूप राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में सहभागिता से प्रकट होता है।

कार्यक्रम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में जागरूकता रैली निकाली गई। प्रतिभागियों ने ‘लोकल अपनाओ—देश बढ़ाओ’, ‘स्वदेशी वस्तु अपनाएँ—आत्मनिर्भर भारत बनाएँ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे नारों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के उपयोग एवं प्रचार-प्रसार का संदेश दिया। रैली में प्रो. मनोज किशोर पन्त, प्रो. दामोदर प्रजापति, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. उमेश कुमार शुक्ल, मनोज गहतोड़ी, डॉ. श्वेता अवस्थी, डॉ. राजेश सती, डॉ. अनूप बहुखंडी, डॉ. प्रिया शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

ब्यूरो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *