हरिद्वार।
31 मार्च को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर में हरिद्वार जिले में सरकारी योजनाओं के बजट खर्च में बढ़ोतरी हुई है। हरिद्वार में जिला योजना का बजट सौ फ़ीसदी खर्च कर दिया गया है, जबकि केंद्र और राज्य की तमाम योजनाओं का 85 फ़ीसदी से ज्यादा बजट खर्च हो चुका है। डीएम मयूर दीक्षित के मुताबिक पिछले कुछ सालों में सरकारी विभागों के द्वारा बजट खर्च करने में बेहतर प्रदर्शन किया गया है। डीएम बताया कि पिछली कुछ जिन योजनाओं में जिला पिछड़ा हुआ था उनकी लगातार मॉनिटरिंग की गई जिसके बाद फिलहाल हरिद्वार जिला ए श्रेणी में है।
दरअसल सरकार की ओर से कई योजनाओं के लिए हर जिले में विभागों को बजट दिया जाता है। जिसे चालू वित्तीय वर्ष में ही खर्च करना होता है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण बजट खर्च ना होने से सरकारी बजट लेप्स हो जाता है, और जिलेभर में सड़क, पुल, शिक्षा चिकित्सा विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य बाधित हो जाते हैं।
