हरिद्वार।
हरिद्वार तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और दूसरे मामलों में उल्लंघन के बाद प्रशासन की ओर से करोड़ों का जुर्माना तो लगाया जाता है, लेकिन इसकी वसूली पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। हरिद्वार तहसील में स्टोन क्रशरों और आबकारी से जुड़े मामलों में कई डिफॉल्टरों पर राजस्व विभाग नरमी बरत रहा है। इन देनदारों से तय समय में वसूली नहीं की जा रही है। जिससे सरकार को ना सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि निचले स्तर के अधिकारियों की देनदारों के साथ मिलीभगत भी सामने आ रही है। डीएम मयूर दीक्षित का कहना है कि राजस्व वसूली को लेकर जल्द समीक्षा बैठक की जाएगी नियमों के मुताबिक सभी से वसूली की जाएगी।
