हरिद्वार।
हरिद्वार में फर्जी बिलों के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाने वाली दो फार्मो पर राज्य कर विभाग ने कार्रवाई की है। खास इनपुट के आधार पर जीएसटी डिपार्मेंट के अधिकारियों को रुड़की की ई-वेस्ट ट्रेडिंग फॉर्म और हरिद्वार स्थित एक आयरन वेस्ट ट्रेडिंग फॉर्म में बोगस आईटीसी का प्रयोग करते हुए टैक्स न चुकाने और सरकार को राजस्व का नुकसान की गतिविधियों का पता चला था। अपर आयुक्त राज्य कर, हरिद्वार जोन पी एस डुंगरियाल और संयुक्त आयुक्त (एस0आई0बी0/प्र0) राज्य कर, रूड़की आर एल वर्मा के निर्देश पर उपयुक्त कार्तिकेय वर्मा के नेतृत्व में टीम पहुंचकर रूड़की स्थित 1 ई-वेस्ट ट्रेडिंग फर्म और हरिद्वार स्थित आयरन स्क्रैप फर्म के गोदाम पर पहुंचकर जाँच की तो टैक्स में हेरा फेरी का खुलासा हुआ।

पकड़ी गई करोड़ों की हेराफेरी

असेसमेंट करने के बाद ई-वेस्ट ट्रेडिंग फर्म पर 4.36 करोड़ और आयरन स्क्रैप व्यापारी से 2.58 करोड़ रुपए की करदेयता तय की गई। जिसमें ई-वेस्ट ट्रेडिंग फर्म के 4.36 मौके पर जमा कराए गए। जबकि दूसरी फर्म को निर्धारित समय में टैक्स जमा करने के निर्देश दिए गए। डिप्टी कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि साल 2024-25 में विशेष अनुसंधान शाखा हरिद्वार द्वारा 25 से अधिक फर्जी फर्में पकड़ी गयीं, जिसमें 50.81 करोड़ रूपये की फेक आईटीसी प्रकाश में लायी गयी साथ ही उनके लाभार्थियों से कर की वसूली की जा रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *