हरिद्वार जेल में कृष्ण लीला की धूम: कैदी दिखा रहे अभिनय का जौहर, पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
ब्यूरो
Posted no : 06/09/2026
हरिद्वार।
जिला कारागार में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर तीन दिवसीय कृष्ण लीला मंचन का आयोजन बेहद उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है। यहां जेल के बंदी किसी मंजे हुए कलाकार की तरह कृष्ण जन्म और कंस वध की गाथा का सजीव मंचन कर रहे हैं। भक्ति के इस माहौल में जेल में बंद अन्य कैदी भी इस भव्य आयोजन का लुत्फ उठा रहे हैं। अपराध की राह छोड़कर सुधार की ओर बढ़ रहे ये बंदी अपनी कला और अभिनय के माध्यम से धार्मिक सीमाओं को लांघकर सांप्रदायिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल भी पेश कर रहे हैं।
शनिवार शाम कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने जेल प्रशासन की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों से बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आता है, जिससे वे भगवान कृष्ण के दिव्य जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर भविष्य में समाज की मुख्यधारा में लौट सकेंगे।
वहीं वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने बताया कि जेल में हर त्यौहार इसी तरह धूमधाम से मनाया जाता है। कैदियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और समर्पण ही इस आयोजन को इतना भव्य और सफल बनाता है। जेल प्रशासन बंदियों को रचनात्मक मंच देकर उनके पुनर्वास के लिए निरंतर प्रयासरत है। जेल के इन धार्मिक आयोजनों की सबसे बड़ी खासियत यहां दिखने वाली सांप्रदायिक एकता है। इस कृष्ण लीला मंचन में हिंदू कैदियों के साथ-साथ मुस्लिम बंदी भी विभिन्न पात्रों का उत्साहपूर्वक अभिनय कर रहे हैं।
बंदी कलाकार भी जेल प्रशासन द्वारा मिल रहे इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं। जेल की सलाखों के पीछे गूंजती यह कथा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कैदियों के हृदय परिवर्तन की एक नई शुरुआत है, जो उन्हें भविष्य में एक सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी।
